आईपीसी धारा 156 क्या है | IPC Section 156 in Hindi | IPC 156 In Hindi

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इस पोस्ट मे आपको Indian Penal Code की IPC Section 156 In Hindi मे जानकारी दी गई है। इसमे मैने पूरी तरह से IPC Dhara 156 Kya Hai की जानकारी दी है।

क्योंकि इसकी जानकारी हर एक अधिवक्ता व वकील को तो होनी ही चाहिए तथा अगर आप पुलिस मे है या फिर आप विधि से संबंधित छात्र हैं तो आपको IPC 156 In Hindi के बारे मे जानकारी जरूर होनी चाहिए। जिससे की आप कहीं कभी फसें नहीं और ने ही कोई आपको दलीलो मे फंसा सके। तो चलिए जानते है IPC 156 Kya Hai.

IPC Section 156 In Hindi

IPC Dhara 156 – मालिक या अधिभोगी के एजेंट का दायित्व जिसके लाभ के लिए दंगा किया जाता है।
जब भी दंगा लाभ के लिए या किसी ऐसे व्यक्ति की ओर से किया जाता है जो किसी भूमि का मालिक या कब्जा करने वाला हो, जिसके संबंध में ऐसा दंगा होता है, या जो ऐसी भूमि में किसी हित का दावा करता है, या किसी ऐसे विवाद के विषय में जिसने जन्म दिया दंगा, या जिसने उससे कोई लाभ स्वीकार किया है या प्राप्त किया है, ऐसे व्यक्ति का एजेंट या प्रबंधक जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि ऐसे एजेंट या प्रबंधक के पास यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसा दंगा होने की संभावना थी, या कि गैरकानूनी सभा जिसके द्वारा इस तरह के दंगा होने की संभावना थी, ऐसे दंगा या सभा को होने से रोकने और उसे दबाने और फैलाने के लिए अपनी शक्ति के सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करेगा।

ipc section

IPC Section 156 In English

IPC Section 156 – Liability of agent of owner or occupier for whose benefit riot is committed.
Whenever a riot is committed for the benefit or on behalf of any person who is the owner or occupier of any land respecting which such riot takes place, or who claims any interest in such land, or in the subject of any dispute which gave rise to the riot, or who has accepted or derived any benefit therefrom, the agent or manager of such person shall be punishable with fine, if such agent or manager, having reason to believe that such riot was likely to be committed, or that the unlawful assem­bly by which such riot was committed was likely to be held, shall not use all lawful means in his power to prevent such riot or assembly from taking place and for suppressing and dispersing the same.

IPC 153 IN HINDI
IPC 155 IN HINDI
IPC 150 IN HINDI
IPC 151 IN HINDI
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तो IPC Section 156 In Hindi तथा IPC 156 in Hindi की यह जानकारी आपको कैसी लगी नीचे कमेंट करके जरूर बताएं, यहाँ मैने IPC Dhara 156 Kya Hota Hai इसकी पूरी जानकारी दैदी है। बाकी पोस्ट को शेयर जरूर करें।

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